KAUSHAL PANDEY (Astrologer)

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हत्यारे और बलात्कारी को मौत से भी बड़ी सजा मिले :कौशल पाण्डेय

Posted On: 21 Dec, 2012 Others,न्यूज़ बर्थ में

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हत्यारे और बलात्कारी को मौत से भी बड़ी सजा मिले :कौशल पाण्डेय
दिल्ली में एक बार फिर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आने से इस बात की बहस छिड़ गई है कि आखिर गैंग रेप में फांसी की सजा क्यों नहीं है ?
यह घटना इस देश की राजधानी दिल्ली का है फिर आप समझ सकते है की देश के अन्य राज्यों का क्या हाल होगा. भारत जैसे देश में बढ़ते हुए गुंडा राज , हत्या और बलात्कार जैसी अन्य घटनाओं के पीछे सिर्फ और सिर्फ यहाँ का कानून और राजनितिक लोग जिम्मेदार है ,
इसके अलावा सबसे गैर जिम्मेदार इस देश के नागरिक है जो ये सब होता देखकर अपना मुह मोड़ लेते है या फिर उसकी फिल्म बनाने में लग जाते है .
ऐसे अपराधियों के हाँथ पैर काट कर फिर उन्हें काल कोठरी में डाल दिया जय तड़प कर मरने के लिए , क्यों की फांसी की सजा बहुत कम है ऐसे दरिंदों के लिए साथ ही ऐसे पापियों को सजा खुलेआम दिखानी चाहिए जिससे लोग इसे देखकर ऐसा अपराध न करने की सोचे, इस देश का ऐसा कानून है की अपराधी को कानून का कोई भय ही नहीं है , कई पुलिस वाले को रिश्वत देकर छुट जाते है कई के नेता परवरदिगार बन जाते है
क्या आप जानते है की भारत में बलात्कारी की क्या सजा है ..?
भारत में मौजूदा कानून के तहत गैंग रेप में अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है, लेकिन आज तक कितने को ये सजा दी गई है इसका जवाब है किसी के पास जबकि इस देस में हर 40 मिनट के बाद बलात्कार की घटना, हर 20 मिनट के बाद लड़कियों से छेड़छाड़ की घटना सामने आ रही है जबकि हत्या और छिना -झपटी की तो गिनती ही नहीं है . साथ इस देश का अँधाकानून सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उत्तेजना में किया गया अपराध हमेशा ‘ रेयरेस्ट ऑफ रेयर ‘ की श्रेणी में नहीं आता।
हर रोज ऐसी घटनाये हो रही है लेकिन इस देश में कानून बनाने वाले अपनी आँखे बंद किये हुए है, सरकार द्वारा लोकसभा में पेश आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2012 में भी बलात्कारियों को मौत की सजा देने का प्रावधान नहीं किया गया है.
क्या ऐसे जघन्य अपराध के लिए मात्र ये सजा होनी चहिये .. इस कानून को बदलना होगा तभी ये सब अपराध रुक पायेगे
भारतीय दंड संहिता की धारा 375, 376, 376 ए, 376 बी, 376 सी, 376 डी को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है. 375 में यौन उत्पीड़न को फिर से परिभाषित किया है. महिला के किसी भी अंग में पैनेट्रेशन को सेक्सुअल असॉल्ट माना जाएगा. धारा 376 के अनुसार सेक्सुअल असॉल्ट की सजा सात वर्ष से कम नहीं और अधिकतम आजीवन कारावास दी जाएगी.
इनमें से एक धारा 326 ए के अनुसार एसिड से नुकसान पहुंचाने पर दस साल से अधिक या आजीवन कारावास और 10 लाख तक का जुर्माना और दूसरी धारा 326 बी के अनुसार एसिड फेंकने की कोशिश करने पर सात साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान किया गया है.,धारा 375 में यौन उत्पीड़न की पांच परिभाषाएं दी गई हैं, जिनमें किसी महिला की सहमति और असहमति या परिस्थितिजन्य साक्ष्य की विस्तार से व्याख्या की गई है.

भारत में क्या होनी चाहिए हत्यारे और बलात्‍कारियों के लिए सही सजा …?
जैसे :-
1- उन्हें आजीवन कठोर कारावास की सजा
2- उन्हें नपुंसक बना दिया जाय
3- उनके हाँथ पैर काट दिए जाए
4- उन्हें जिन्दा ही जंगली जानवरों के सामने डाल दिया जाय
5- उन्हें पकड़ कर पब्लिक के हवाले कर दिया जाए ,
आपलोग इस बारे में क्‍या सोचते हैं ? अपनी बात कमेंट बॉक्‍स में पोस्‍ट कर दुनिया भर के पाठकों तक पहुंचा सकते हैं हत्यारे और बलात्‍कारियों के लिए सही सजा तय कराने के हमारे अभियान में भागीदार बन सकते हैं…

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